विधायक के निमंत्रण कार्ड से बैकफुट पर भाजपा

कुमार दुष्यंत, हरिद्वार// यहां के एक विधायक महोदय के वैवाहिक आयोजन का निमंत्रण-पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कारण ये है कि विधायक महोदय ने निमंत्रण-पत्र पर राज्य सरकार का प्रतीक-चिन्ह भी छाप मारा है। जिसके बाद लोग सोशल मीडिया पर  उनसे सवाल कर रहे हैं कि विवाह विधायक जी करा […]

कुमार दुष्यंत, हरिद्वार//

यहां के एक विधायक महोदय के वैवाहिक आयोजन का निमंत्रण-पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कारण ये है कि विधायक महोदय ने निमंत्रण-पत्र पर राज्य सरकार का प्रतीक-चिन्ह भी छाप मारा है। जिसके बाद लोग सोशल मीडिया पर  उनसे सवाल कर रहे हैं कि विवाह विधायक जी करा रहे हैं या सरकार!

सुरेश राठौड हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा से भाजपा विधायक हैं। वह अब अपनी दत्तक पुत्री का विवाह कर रहे हैं। लेकिन उनके द्वारा छपवाया गया विवाह का कार्ड,  कार्ड में छपे शासन के लोगो की वजह से चर्चा में बना हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी लोगो का इस्तेमाल निजी आयोजनों के निमंत्रण-पत्र पर भी हो सकता है?
शासन का लोगो सरकार का प्रतीक-चिन्ह होता है। जिसे आमतौर पर केवल सरकार द्वारा ही सरकारी काम में उपयोग किया जाता है। लेकिन विधायक सुरेश राठौड अपने आयोजन के निमंत्रण-पत्र पर सरकार के प्रतीक के इस्तेमाल को गलत नहीं मानते। उनका ये भी तर्क है कि जब वह निर्वाचित जन-प्रतिनिधि के रुप में सरकार का हिस्सा हैं तो उन्हें शासन के लोगो के उपयोग का भी अधिकार है।
विधायक जी का कार्ड सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बना हुआ है। व्यापारी से नेता, फिर नेता से आध्यात्मिक गुरु और फिर आध्यात्मिक गुरु से विधायक बने सुरेश राठौड के यहां आज बारात आनी है।स्वभाविक है कि यह मुद्दा उनके यहां आने वाले सरकारी मेहमानों में भी चर्चा का विषय रहेगा। हो सकता है कि ये कार्ड ही नजीर बनकर आने वाले वक्त में विधायकों के लिए निजी आयोजनों में सरकारी लोगो के इस्तेमाल की राह खोल दे!

”इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह खुशी का मौका है। सभी टिप्पणीकारों से अनुरोध है कि राजनीति करने की बजाय विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान करें।”
– सुरेश राठौर, विधायक, ज्वालापुर हरिद्वार

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