बड़ी खबर : मूल निवास की मांग तेज,महारैली का आयोजन । राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी सहित इन दलो ने दिया समर्थन

मूलनिवास 1950 और सशक्त भूकानून की मांग को लेकर मूल निवास स्वाभिमान महारैली का आयोजन किया जा रहा है। आंदोलन में शरीक होने के लिए प्रदेश की जनता को 24 दिसंबर को देहरादून के परेड मैदान में एकजुट होकर महारैली में प्रतिभाग करने का आह्वान किया गया है। यह किसी एक दल या संगठन का […]

मूलनिवास 1950 और सशक्त भूकानून की मांग को लेकर मूल निवास स्वाभिमान महारैली का आयोजन किया जा रहा है। आंदोलन में शरीक होने के लिए प्रदेश की जनता को 24 दिसंबर को देहरादून के परेड मैदान में एकजुट होकर महारैली में प्रतिभाग करने का आह्वान किया गया है।

यह किसी एक दल या संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि इस आंदोलन में जनता की सक्रिय भागीदारी के लिए तमाम संगठन अपील कर रहे हैं। मूल निवास-भू कानून समन्वय संघर्ष समिति से लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी और अन्य संगठन से जुड़े लोग महारैली में जनता की भागीदारी के लिए निरंतर आह्वान कर रहे हैं। 

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के संयोजक शिवप्रसाद सेमवाल ने भी सोशल मीडिया पर मूल निवास और सशक्त भूकानून की महारैली में प्रतिभाग करने के लिए अपील जारी की है। उन्होंने अपील के माध्यम से बताया है कि क्यों मूल निवास 1950 को लागू किया जाना जरूरी है और किस तरह मूल निवास को पीछे धकेल कर उसकी जगह स्थाई निवास प्रमाण पत्र का अमलीजामा पहनाया गया। इसमें शामिल रहे तमाम अधिकारियों को भी उन्होंने कठघरे को खड़ा किया है।

अखिल भारतीय समानता मंच ने भी ‘हिटो देहरादून’ की अपील के माध्यम से स्वाभिमान महारैली में शामिल होने का आह्वान किया है। दूसरी तरफ प्रदेश के तमाम बुद्धिजीवी और राज्य निर्माण आंदोलनकारी भी व्यक्तिगत और संगठनात्मक रूप से आंदोलन की पैरोकारी कर रहे हैं।

अखिल भारतीय समानता मंच ने समर्थन पत्र जारी करते हुए लिखा कि,मूल निवास – भू कानून समन्वय संघर्ष समिति उत्तराखण्ड द्वारा 24 दिसम्बर 2023 को परेड ग्राउण्ड देहरादून में आयोजित मूल निवास स्वाभिमान महारैली का अखिल भारतीय समानता मंच उत्तराखण्ड समर्थन करता है तथा प्रस्तावित रैली में सहभाग करेगा।

मंच एक गैरराजनीतिक संगठन है और इसके मूल उददेश्यों में यह मामला सम्मिलित नहीं है। तथापि यह राज्य के मूल निवासियों के हक, अस्तित्व, अस्मिता और संस्कृति से जुड़ा हुआ गम्भीर मापला है, इसलिए उत्तराखण्ड के मूल निवासी होने के कारण इस क्षेत्रीय मामले का प्रदेश इकाई के न केवल प्रभावित सदस्यों को अपितु अन्य सदस्यों को भी व्यापक जनहित एवं न्यायहित में समर्थन करना ही चाहिए।

अखिल भारतीय समानता मंच की उत्तराखण्ड इकाई, विशेष रूप से प्रदेश के समस्त मूल निवासियों से अपने अस्तित्व और संस्कृति की रक्षा करने हेतु तन, मन और धन से इस महारैली में सहभाग करने का आग्रहपूर्ण अनुरोध करती है।

वहीं उत्तराखंड समानता पार्टी ने भी समर्थन पत्र जारी किया लिखा कि,उत्तराखण्ड समानता पार्टी आगामी 24 दिसंबर 2023 को देहरादून में आहूत मूल निवास स्वाभिमान महारैली को अपना समर्थन प्रदान करती है।

मूल निवास के अभाव में यहां के मूल निवासी नौकरियों से वंचित हैं। बाहरी लोग राज्य में नौकरी पर लग रहे हैं। अपने ही राज्य में मूल निवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। हमें अपनी जमीन, संसाधन और स्वाभिमान को बचाए रखने के लिए मूल निवास 1950 बहाल किया जाए हम प्रदेशवासियों को अपने हकों की लड़ाई में साम शामिल होने की अपील करते हैं। 24 दिसंबर को आहूत मूल निवास स्वाभिमान महारैली में सम्मलित हो कर इसे सफल बनाते हुए आंदोलन को मजबू‌ती प्रदान करें।

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