भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा किया गया“मानक मंथन” कार्यक्रम का सफल आयोजन।

बिजेंद्र राणा  भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा आज होटल रेजेंटा, देहरादून में “मानक मंथन” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक सुरक्षा हेलमेट हेतु भारतीय मानक IS 2925 के संशोधन एवं सुधार पर उद्योग, उपभोक्ता और नियामक संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री […]

बिजेंद्र राणा 

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा आज होटल रेजेंटा, देहरादून में “मानक मंथन” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक सुरक्षा हेलमेट हेतु भारतीय मानक IS 2925 के संशोधन एवं सुधार पर उद्योग, उपभोक्ता और नियामक संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अनिल पेटवाल, अतिरिक्त आयुक्त, श्रम विभाग रहे।विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (IAU) तथा श्री राजीव वैद, उपाध्यक्ष, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री अनिल पेटवाल ने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा मानक निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने में मानकीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री पेटवाल ने सभी उद्योगों और उपभोक्ताओं से बीआईएस प्रमाणित उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि कार्यस्थलों पर सुरक्षा और गुणवत्ता की संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सके।
श्री सौरभ तिवारी, निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस देहरादून ने अपने विशेष संबोधन में “मानक मंथन” की अवधारणा, औद्योगिक सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता में सुधार, तथा मानकों के अद्यतन की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
श्री सचिन चौधरी, संयुक्त निदेशक, बीआईएस ने संशोधित भारतीय मानक IS 2925 पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें Shock Absorption, Flame Resistance तथा Resistance to Penetration जैसी प्रमुख आवश्यकताओं एवं परीक्षण प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधि, उपभोक्ता संगठन, तकनीकी विशेषज्ञ, परीक्षण प्रयोगशालाओं के प्रतिनिधि सहित 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
साथ ही उत्तरांचल विश्वविद्यालय एवं ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए कि औद्योगिक सुरक्षा हेलमेट से संबंधित भारतीय मानकों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक व्यावहारिक, उपयोगी एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाए।

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