देव भूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल में धूमधाम से मनाया गया 10वां आयुर्वेद दिवस

देहरादून। देव भूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH) में आज बड़े उत्साह और भव्यता के साथ 10वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे धनवंतरी पूजा से हुई, जिसमें कुलपति, पीवीसी (एचएस), प्राचार्य डॉ. अक्षय सुडेन, उप-प्राचार्य डॉ. मेघा बहुगुणा, हॉस्पिटल इंचार्ज डॉ. कंचन ठाकुर और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनामिका […]

देहरादून। देव भूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH) में आज बड़े उत्साह और भव्यता के साथ 10वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे धनवंतरी पूजा से हुई, जिसमें कुलपति, पीवीसी (एचएस), प्राचार्य डॉ. अक्षय सुडेन, उप-प्राचार्य डॉ. मेघा बहुगुणा, हॉस्पिटल इंचार्ज डॉ. कंचन ठाकुर और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनामिका चौहान उपस्थित रहे। पूजा के बाद कुलपति ने रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें अस्पताल और अकादमिक स्टाफ व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर में 237 मरीजों का इलाज

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित मेडिकल कैंप सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसमें 237 मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया गया। अधिकांश मरीज जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों से पीड़ित थे।

जन जागरूकता व्याख्यान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

प्रातः 11 बजे सेमिनार हॉल में जन जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न गांवों के गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया। इस दौरान छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आयुर्वेद के महत्व और गलत प्रथाओं से बचने का संदेश दिया।
इसके साथ ही द्रव्यगुणा और रसशास्त्र विभाग के छात्रों ने अपने उत्पादों और खाद्य सामग्री का प्रदर्शन किया, जिसे लोगों ने सराहा।

गणमान्य लोगों की रही विशेष उपस्थिति

कार्यक्रम में कई गांवों के प्रधान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें श्रीमती अंजू (बडोवाल प्रधान), श्रीमती सोनिया रामोला (बहादुरपुर प्रधान), श्री कैलाश (राजावाला प्रधान), ब्लॉक प्रमुख श्रीमती अर्चना जी और महिला संगठन की प्रतिनिधि श्रीमती बीना चौहान शामिल रहीं।

इस वर्ष का थीम: “Ayurveda for People and Planet”

10वें आयुर्वेद दिवस 2025 का थीम “Ayurveda for People and Planet” रखा गया, जिसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा में आयुर्वेद की प्रासंगिकता को उजागर करना है।

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