बड़ी ख़बर: संस्कृत परिषद का सम्मान समारोह। प्रतिभाओं को मिली पहचान

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के संस्कृत विभाग में सत्र 2024-25 हेतु गठित संस्कृत परिषद के तत्वावधान में शुक्रवार को पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिषद द्वारा वर्ष भर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की […]

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के संस्कृत विभाग में सत्र 2024-25 हेतु गठित संस्कृत परिषद के तत्वावधान में शुक्रवार को पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिषद द्वारा वर्ष भर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम पाठक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए समारोह का उद्देश्य स्पष्ट किया। परिषद अध्यक्ष आयुष ने परिषद की वार्षिक गतिविधियों की आख्या प्रस्तुत की, जिसमें परिषद द्वारा आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी पर प्रकाश डाला गया।

प्रतियोगिताओं के विजेता इस प्रकार रहे:

  • निबंध प्रतियोगिता (2 अप्रैल 2025)विषय: “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं नई शिक्षा नीति”

    • प्रथम स्थान: पवन

    • द्वितीय स्थान: निकिता

    • तृतीय स्थान: वंदना

  • पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता (4 अप्रैल 2025)

    • प्रथम स्थान: मानसी

    • द्वितीय स्थान: पवन

    • तृतीय स्थान: वंदना

  • श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता

    • प्रथम: आयुष

    • द्वितीय: अंशिका अंथवाल

    • तृतीय: लताशा

  • श्रुतलेख प्रतियोगिता

    • प्रथम: पवन

    • द्वितीय: वंदना

    • तृतीय: अंशिका

प्रमुख अतिथि प्रो. एम. एस. रावत (निदेशक, परिसर) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्कृत भाषा के व्यावहारिक प्रयोग, संभाषण और महत्त्वपूर्ण श्लोकों को कंठस्थ करने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आशीर्वाद भी दिया।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. कल्पना पंत, डॉ. अटल बिहारी त्रिपाठी और डॉ. किरण फर्त्याल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्कृत परिषद के समस्त पदाधिकारियों ने सक्रिय योगदान दिया।

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