एसबीएस यूनिवर्सिटी में आयोजित होंगी फंगल फूड प्रोडक्शन पर दो दिवसीय वर्कशॉप

देहरादून। सरदार भगवन् सिंह यूनिवर्सिटी, बलावाला (देहरादून) में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। फंगल फूड प्रोडक्शन पर दो दिवसीय वर्कशॉप विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज द्वारा ताकजीन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से “Fungal Food Production: Blueprint for SDG-Driven Food System” […]

देहरादून। सरदार भगवन् सिंह यूनिवर्सिटी, बलावाला (देहरादून) में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

फंगल फूड प्रोडक्शन पर दो दिवसीय वर्कशॉप

विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज द्वारा ताकजीन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से “Fungal Food Production: Blueprint for SDG-Driven Food System” विषय पर दो दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की जा रही है।
यह वर्कशॉप 17 और 18 सितंबर 2025 को आयोजित होगी। इसका उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को सतत विकास लक्ष्य (SDG) आधारित खाद्य उत्पादन और फंगस की संभावनाओं पर अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करना है।

वर्कशॉप में प्रतिभागियों को फंगी की खेती, प्रोसेसिंग और लो-कॉस्ट टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान उन्हें स्थायी और पर्यावरण अनुकूल खाद्य समाधानों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

📍 पहला दिन (17 सितंबर) – कार्यक्रम एसबीएस यूनिवर्सिटी, बलावाला, देहरादून में होगा।
📍 दूसरा दिन (18 सितंबर) – कार्यक्रम ताकजीन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नंदा की चौकी, प्रेम नगर, देहरादून में होगा।

वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे का आयोजन

इसके साथ ही 8 सितंबर 2025 को एसबीएस यूनिवर्सिटी में वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम न्यू कैंपस में दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा।

फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित इस विशेष अवसर पर स्वास्थ्य, मूवमेंट और वेल-बीइंग में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका पर चर्चा की जाएगी। विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रीना कुमारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और समाज को फिजियोथेरेपी के महत्व से अवगत कराना है।

👉 ये दोनों आयोजन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद लाभकारी माने जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम संस्थान को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रिसर्च में अग्रणी बनाने में मदद करते हैं।

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