एसजीआरआरयू की एनसीसी कैडेट आकृति रावत ने गणतंत्र दिवस पर बढ़ाया उत्तराखंड का मान

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) की एनसीसी कैडेट आकृति रावत ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की परेड में उत्तराखंड निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने उन्हें 51,000 रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। आकृति रावत ने […]

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) की एनसीसी कैडेट आकृति रावत ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की परेड में उत्तराखंड निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने उन्हें 51,000 रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

आकृति रावत ने मंगलवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेका और श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कहा, “बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। आकृति जैसी बेटियां युवाओं के लिए रोल मॉडल और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का एक सार्थक उदाहरण हैं।”

आकृति रावत वर्तमान में एसजीआरआरयू में मनोविज्ञान की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री गुरु राम राय स्कूल, पटेल नगर से प्राप्त की। उनके परिवार और शिक्षकों के अनुसार, आकृति बचपन से ही मेहनती, जिम्मेदार और बहु-प्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि खेल, सामाजिक कार्य और एनसीसी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान, आकृति ने आईयूसी-आरडीसी कैंप में ‘बेस्ट येप कैडेट’ का स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद आईजीसी-आरडीसी कैंप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण उन्हें दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस कैंप (आरडीसी-2025) में भाग लेने का अवसर मिला। उन्हें थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा उत्तराखंड निदेशालय की ‘सर्वश्रेष्ठ कैडेट’ के रूप में सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, आकृति ने वायुसेना अध्यक्ष के कार्यक्रम में मास्टर ऑफ सेरेमनी (एमसी) की भूमिका निभाई और विदेशी प्रतिनिधियों के लिए स्पॉन्सर कैडेट के रूप में चुनी गईं, जो पूरे देश के केवल कुछ चुनिंदा कैडेट्स को ही मिलता है। उन्होंने उत्तराखंड निदेशालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।

आकृति रावत की इन उपलब्धियों ने न केवल उत्तराखंड का नाम रोशन किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी सफलता प्रदेश की अन्य युवतियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

एसजीआरआर विश्वविद्यालय परिवार आकृति की उपलब्धि पर गौरवान्वित है। विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और छात्र-छात्राओं ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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