Uttarakhand News: SSP ऊधम सिंह नगर ने सहायक अभियंता जयांक पांडे को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

रिपोर्ट: अमित मिश्रा  सितंबर 2025 – उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के सहायक अभियंता जयांक पांडे को उनकी कार्यकुशलता और ईमानदारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा (IPS) ने प्रशस्ति पत्र (Appreciation Letter) प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें SASCI योजना के अंतर्गत कोतवाली बाजपुर क्षेत्र में चल रहे […]

रिपोर्ट: अमित मिश्रा 

सितंबर 2025 – उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के सहायक अभियंता जयांक पांडे को उनकी कार्यकुशलता और ईमानदारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा (IPS) ने प्रशस्ति पत्र (Appreciation Letter) प्रदान किया।

यह सम्मान उन्हें SASCI योजना के अंतर्गत कोतवाली बाजपुर क्षेत्र में चल रहे आवासीय भवन के निर्माण कार्य को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर दिया गया।

निर्माण कार्य में दक्षता और ईमानदारी

प्रशस्ति पत्र के अनुसार, सहायक अभियंता जयांक पांडे ने विभागीय हित को सर्वोपरि रखते हुए मेहनत, लगन और व्यक्तिगत रुचि से कार्यों को समय पर संपन्न कराया।
उन्होंने न केवल निर्माण कार्य की लगातार समीक्षा की, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और अनुभव का उपयोग करते हुए योजना को सफलतापूर्वक पूरा किया।

SSP मणिकांत मिश्रा ने की सराहना

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जयांक पांडे ने अपनी निष्ठा और कुशलता से योजना के प्रत्येक चरण को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया।
उनके मार्गदर्शन में कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ, जिससे न केवल विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ी बल्कि शासन की योजनाओं पर भी आमजन का भरोसा मजबूत हुआ।

उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ

एसएसपी ने पत्र में उल्लेख किया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जयांक पांडे भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
उन्होंने जयांक पांडे की कार्यकुशलता और निष्ठा की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

क्यों खास है यह सम्मान?

  • प्रशस्ति पत्र अधिकारी की मेहनत और ईमानदारी की आधिकारिक मान्यता है।
  • ऐसे सम्मान से अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी प्रेरित होते हैं।
  • उत्तराखंड शासन के अंतर्गत चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को यह दर्शाता है।
  • इससे सरकारी योजनाओं को तेजी और विश्वसनीयता मिलती है।

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