गौ की चिंता में विधायक गोपाल

गौशाला की अव्यवस्थाओं पर भड़के विधायक ।कांजी हाउस निर्माण उद्घाटन पहुंचे थे विधायक गंगोत्री । गिरीश गैरोला। सड़क पर आवारा घूम रही है निराश्रित गायों को आश्रय देने के उद्देश्य से बनाए गए कांजी हाउस के उद्घाटन के मौके पर गंगोत्री विधायक  गोपाल सिंह रावत ने गौशाला की अव्यवस्थाओं के लिए नगरपालिका को आड़े हाथों […]

गौशाला की अव्यवस्थाओं पर भड़के विधायक ।कांजी हाउस निर्माण उद्घाटन पहुंचे थे विधायक गंगोत्री ।

गिरीश गैरोला।

सड़क पर आवारा घूम रही है निराश्रित गायों को आश्रय देने के उद्देश्य से बनाए गए कांजी हाउस के उद्घाटन के मौके पर गंगोत्री विधायक  गोपाल सिंह रावत ने गौशाला की अव्यवस्थाओं के लिए नगरपालिका को आड़े हाथों लिया ।पालिका के अधिशासी अधिकारी सुशील कुमार कुरील पर भड़कते हुए गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने काँझी  हाउस के निर्माण स्थल पर ही सवाल खड़ा कर दिया । विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व में काँजी हाउस के लिए चयनित स्थान को खुद पालिका द्वारा अतिक्रमण करवा दिया गया है और अब जिस स्थान पर कांजी हाउस बनाया गया है,  वहां तक पहुंचने के लिए न तो पर्याप्त मार्ग उपलब्ध है,  और न वहां निराश्रित और बीमार गौ वंश के रहने की समुचित व्यवस्था । ऐसे में बीमार और अशक्त गायों को गौशाला तक कैसे पहुंचाया जा सकता है?

इतना ही नहीं कांझी  हाउस के निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाते हुए विधायक गोपाल रावत ने कहा गौशाला में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न हरे घास की । इतना ही नही  गर्मियों में ताप से  बचने के लिए भी न तो पंखे है और न एग्जॉस्ट फैन की कोई व्यवस्था । ।ऐसे में गौ वंश  को बचाने के लिए शुरू की गई इस मुहिम में पुण्य  की बजाय पाप लग सकता,  जिसका खामियाजा   नगरपालिका को ही भुगतना होगा ।

पालिका अध्यक्ष जयंद्री राणा  ने बताया कि वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा में धन का आवंटन देर से हुआ । जिसके चलते  निर्माण कार्य में देर हुई है । निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर तकनीकी विभाग द्वारा कांजी हाउस का  निर्माण करवाया गया है।  पालिका अध्यक्ष ने बताया कि वह  खुद गांव बचाओ समिति से जुड़ी हुई हैं लिहाजा अपने निजी प्रयासों से भी गोवंश को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

मौके पर मौजूद उत्तरकाशी डीएम डॉक्टर आशीष चौहान ने बताया नगर क्षेत्र के सभी गोवंश पर आर एफ आई टैगिंग  का काम शुरु किया जा रहा है जिसके बाद गौ मालिकों की पहचान संभव हो सकेगी। इस अभियान में  निराश्रित गायों को गौशाला में आश्रय दिया जाएगा जबकि गो पालकों के द्वारा जानबूझकर सड़क पर छोड़ी गई गायों के लिए ₹5 हजार  जुर्माना नगर पालिका द्वारा वसूल किया जाएगा इतना ही नहीं 1 हफ्ते के बाद प्रतिदिन ₹200 अतिरिक्त धनराशि जुर्माने के रुप में वसूल की जाएगी। ।

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