रोड नही तो रिश्ता नही।51दिन से मौनव्रत, धरने पर गांव

फिर से अटकी सड़क निर्माण की फ़ाइल। फारेस्ट क्लीयरेंस को लेकर फिर लगी आपत्ति हवा में दौड़ रहे कागजी घोड़े । 51 दिन भी जारी है शेर सिंह राणा का मौन व्रत। पीपल खंडा में जा रही है सड़क निर्माण के लिए धरना। बिना सड़क के बेटी ब्याहने को तैयार नही होते ग्रामीण। गिरीश गैरोला  उत्तरकाशी जनपद […]

फिर से अटकी सड़क निर्माण की फ़ाइल।
फारेस्ट क्लीयरेंस को लेकर फिर लगी आपत्ति
हवा में दौड़ रहे कागजी घोड़े ।
51 दिन भी जारी है शेर सिंह राणा का मौन व्रत। पीपल खंडा में जा रही है सड़क निर्माण के लिए धरना। बिना सड़क के बेटी ब्याहने को तैयार नही होते ग्रामीण।
गिरीश गैरोला 
उत्तरकाशी जनपद की यमुनोत्री विधानसभा अंतर्गत मरगांव -जसपुर -चमियानी- उलण मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना 51 दिन भी जारी है। सड़क निर्माण के लिए
फारेस्ट क्लीयरेंस की फाइल एक बार फिर उन्हीं तीन आपत्तियों के साथ वापस लौट आई है। 15 फरवरी को तीन पुरानी आपत्तियों को 7 आपत्तियों में बदल कर फिर ब्लॉक स्तर पर सुधार के लिए वापस भेज दिया गया है।
 लोक निर्माण विभाग चिन्यालीसौड़ के अधिशासी अभियंता चंदन सिंह रावत ने बताया कि 7 बिंदुओं पर प्राप्त आपत्ति को दूर कर जिला स्तर पर ऑनलाइन कर भेज दिया गया है। सोमवार को संभवतया डीएफओ स्तर से उक्त आपत्ति को राज्य स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। राज्य के नोडल से भारत सरकार तक एक बार फिर प्रस्ताव के कागजी घोड़े दौड़ेंगे। उम्मीद है इस बार कोई कमी नहीं होगी और भारत सरकार से सड़क निर्माण की अनुमति मिल जाएगी।
  सड़क मार्ग को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़े शिव शंकर पांडे ने बताया कि उन्हीं के इलाके की कुमराडा सड़क का प्रस्ताव केंद्र सरकार से पास हो गया है जबकि मरगांव -जसपुर -चमियारी -उलण मोटर मार्ग पर एक बार फिर से उन्हें तीन बिंदुओं पर आपत्ति लगी है, जो पूर्व में लगाई गई थी।
उन्होंने हैरानी जताई कि आखिर ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर अधिकारी बिना पढ़े और समझे कैसे फाइल को आगे भेजकर समय की बर्बादी कर रहे हैं!
 डुंडा  के SDM सौरव असवाल और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता चंदन सिंह रावत ने बताया कि पूर्व में केवल आरक्षित वन क्षेत्र के का जिक्र प्रस्ताव में किया जाता था और उसी में फ़ाइल मंजूर हो जाती थी, जबकि इस बार सिविल सोयम  की भूमि का प्रस्ताव भी जोड़कर ऑनलाइन करने के लिए आपत्ति लगाई गई थी। जिसे शनिवार को ब्लॉक स्तर से जिला स्तर को ऑनलाइन भेज दिया गया है।
 उन्होंने कहा क्योंकि यह पूरी प्रोसेस ऑनलाइन चलती है, लिहाजा अपने स्तर से इसमें कोई करेक्शन बीच में नहीं किया जा सकता। इसलिए ब्लॉक स्तर पर करेक्शन के बाद जिला स्तर और फिर प्रदेश स्तर के नोडल से केंद्र सरकार पर प्रस्ताव ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
बहरहाल सड़क की मांग को लेकर पीपलखेड़ा में चल रहे धरने में शेर सिंह राणा अभी भी मौन व्रत धारण किए हुए हैं जिन के समर्थन में 83 वर्षीय इंद्रदेव पैन्यूली अन्य ग्रामीणों के साथ धरने पर डटे हैं, जिनका साफ कहना है कि केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से सरकारी आश्वासन से परेशान ग्रमीण धरने से उठने को तैयार नही। पिछले दिनों वयोवृद्ध शेर सिंह राणा ने भगवान विश्वनाथ के मंदिर में अपना सड़क निर्माण का ज्ञापन देकर मौन व्रत धारण कर लिया है।

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