सिंचाई विभाग और जल विद्युत  निगम कर्मचारी भिड़े।

आवासीय कॉलोनी में कब्जे को लेकर विवाद थाने तक। मांग पूरी न होने पर विद्युत उत्पादन ठप्प करने की चेतावनी। निगम के जीएम ने मांगा 15 दिन का समय। गिरीश गैरोला चिन्याली सौड़ जल विद्युत निगम कॉलोनी में वर्षों से काबिज बाहरी व्यक्तियों से आवास खाली कराने को लेकर अनिश्चित कालीन धरने की चेतावनी के बाद निगम […]

आवासीय कॉलोनी में कब्जे को लेकर विवाद थाने तक।
मांग पूरी न होने पर विद्युत उत्पादन ठप्प करने की चेतावनी।
निगम के जीएम ने मांगा 15 दिन का समय।
गिरीश गैरोला
चिन्याली सौड़ जल विद्युत निगम कॉलोनी में वर्षों से काबिज बाहरी व्यक्तियों से आवास खाली कराने को लेकर अनिश्चित कालीन धरने की चेतावनी के बाद निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि पूर्व में चिन्यालीसौड़ में सिंचाई विभाग की  जमीन और आवास पूर्व में जल विद्युत निगम को हस्तांतरित हो चुके है किंतु अभी भी निगम के करीब 100 कमरों पर बाहरी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा जमाया हुआ है।  आलम ये है कि सेवा निवृति के 20 वर्ष बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी अपने सरकारी आवास पर ही डटे हुए हैं।
पिछले महीने निगम के एक जे ई आवास खाली हुआ तो सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी ने उस पर जबरन कब्जा कर लिया। सूचना पर निगम के कर्मचारियों ने अवैध रूप से कब्जा करने वाले को आवास से बेदखल कर दिया। दोनों विभागों का आपसी विवाद थाने तक भी पहुँचा जिसके बाद से जल विद्युत निगम कर्मी दो सूत्री मांग को लेकर आंदोलित हैं।
सोमवार को जल विद्युत निगम मनेरी भाली प्रथम से भी कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग चिन्यालीसौड़ यूनियन के समर्थन में आ पहुंचे और निगम के  जीएम हर प्रसाद को चेतावनी दी कि कर्मचारियों की दो बिंदु की मांग पर कार्यवाही न हुई तो एक मई से विद्युत उत्पादन से जुड़े सभी कर्मचारी भी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेंगे।
सिंचाई विभाग के खिलाफ नारे बाजी करते हुए विभागीय कर्मचारी मनीष खुल्वे ने बताया कि पिछले महीने जल विद्युत निगम के जे ई आवास पर सिंचाई विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के द्वारा जबरन कब्जा करने के बाद  विवाद होने पर राजस्व , पुलिस के साथ हुए जॉइंट वेरिफिकेशन में पाया गया कि 12 व्यक्तियों द्वारा अपने नाम  से आवंटित आवासीय कमरे बाहरी व्यक्तियों को किराए पर दिए गए है। इतना ही नही सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी नेता के नाम पर तीन-तीन आवास एक ही कॉलोनी में आवंटित किये गए हैं। जिन पर एक केबल ऑपरेटर और एक डिग्री कॉलेज के शिक्षक को किराये पर दिया गया है, जबकि बाहर से किसी यूनियन का बोर्ड टंगा है। उन्होंने बताया कि बाहरी लोग सरकारी आवास पर कब्जा जमाए बैठे हैं, जबकि विभाग के लोग बाहर कमरे की तलाश में परेेशान हैं।
उत्तरकाशी की मनेरी भाली परियोजना से आये कर्मचारी नेता एलम सिंह पंवार ने बताया कि आवास में कब्जे को लेकर उत्तरकाशी में भी यही समस्या आ रही है। उन्होंने अधिकारियों पर राजनैतिक दलों के नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।  उन्होंने बताया कि निगम के जीएम ने 15 दिन का समय यूनियन से मांगा है जिसमे सिंचाई विभाग के विवादित कर्मचारी जयानंद जोशी के ट्रांसफर और आवास आवंटन समिति को मजबूती प्रदान करते हुए उन्हें बाहरी लोगों से निगम के आवास खाली कराने और आवास खाली होने तक उनकी बिजली पानी के कनेक्शन काटने के अधिकार देने की मांग रखी है।

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