उत्तरकाशी मे फ्लोटिंग जेट्टी पर गंगा आरती के गवाह बने विदेशी मेहमान 

योगा और गंगा आरती का अद्भुत संगम लगा सकता है पर्यटन को चार चांद  गिरीश गैरोला  चार धाम यात्रा की सरकारी तैयारियों के बीच उत्तरकाशी जनपद की जोशियाड़ा झील में पर्यटन व्यवसाइयों द्वारा जिला प्रशासन की मदद से फ्लोटिंग जटी पर झील के बीचों-बीच गंगा आरती के साथ योगा की प्रस्तुति पर्यटन के लिहाज से […]

योगा और गंगा आरती का अद्भुत संगम लगा सकता है पर्यटन को चार चांद 
गिरीश गैरोला 
चार धाम यात्रा की सरकारी तैयारियों के बीच उत्तरकाशी जनपद की जोशियाड़ा झील में पर्यटन व्यवसाइयों द्वारा जिला प्रशासन की मदद से फ्लोटिंग जटी पर झील के बीचों-बीच गंगा आरती के साथ योगा की प्रस्तुति पर्यटन के लिहाज से कारगर साबित हो सकती है। खासकर विदेशी मेहमानों ने इस देसी पहल का स्वागत किया है।
उत्तरकाशी की जोशियाड़ा झील में नौकायन राफ्टिंग प्रतियोगिता के बाद पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सायंकालीन गंगा आरती झील के बीचों-बीच फ्लोटिंग जेट्टी पर आयोजित की जा रही है।
विदेशी मेहमानों ने इस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए योगा के साथ गंगा आरती का आनंद लिया डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष चौहान ने कहा कि उनके पास अनुपयोगी पड़ी फ्लोटिंग जट्टी का उपयोग गंगा आरती में किया जा रहा है ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को एक अलग तरह का अनुभव दिया जा सके।
 गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत ने कहा कि उनके पूर्व के कार्यकाल में जब बीसी खंडूरी मुख्यमंत्री थे उस वक्त मनेरी भाली प्रथम और द्वितीय झील को नौकायन की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने कहा इस बार ओएनजीसी की मदद से जोशियाड़ा झील के चारों तरफ सौन्दर्यीकरण कार्य किया जाएगा जिसके बाद जोशियाड़ा झील देशी विदेशी पर्यटकों की से गुलजार रहेगी। इतना ही नही अभी तक आपदा का प्रतीक समझे जाने वाले वरुणावत पर्वत से पैराग्लाइडिंग करते हुए झील के आस-पास रोमांच के सफर तय करते हुए पर्यटक उतरेंगे तो डिजास्टर टूरिज्म का एक नया कांसेप्ट पर्यटन की दुनिया में प्रवेश करेगा।

Also Read This

बड़ी खबर: यमुनोत्री धाम में 60 लाख की आय, फिर भी सुविधाओं पर सवाल

7.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, बढ़ी आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी–यमुनोत्री मार्ग की बदहाली बनी चुनौतीरिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी बड़कोट/उत्तरकाशी, 19 सितंबर। यमुनोत्री धाम में...

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

Related Posts