गंगोत्री में एक हजार दीपदान

गंगा सप्तमी पर गंगोत्री में हुआ गंगा मूर्ति का श्रृंगार। मार्केंडेय मंदिर के पास गंगा को 11 हजार दीपदान। गंगा सप्तमी है गंगा का प्राकट्य दिवस। गिरीश गैरोला ब्रह्मा के कमंडल से निकली गंगा ने धरती पर पंहुचकर मार्केंडेय मंदिर के पास जिस स्थान पर पहली बार माँ पार्वती को स्नान करवाया, वहाँ वर्षो से चली आ […]

गंगा सप्तमी पर गंगोत्री में हुआ गंगा मूर्ति का श्रृंगार। मार्केंडेय मंदिर के पास गंगा को 11 हजार दीपदान। गंगा सप्तमी है गंगा का प्राकट्य दिवस।
गिरीश गैरोला
ब्रह्मा के कमंडल से निकली गंगा ने धरती पर पंहुचकर मार्केंडेय मंदिर के पास जिस स्थान पर पहली बार माँ पार्वती को स्नान करवाया, वहाँ वर्षो से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए गंगोत्री तीर्थ पुरोहित गंगा सप्तमी का पर्व भब्यता से मनाते हैं। गंगा के मायके मुखवा से शमेस्वर देवता की डोली के साथ तीर्थ पुरोहित मार्केंडेय मंदिर पहुचकर मां गंगा को दूध दही घी के साथ 11 हजार दीप दान करते हैं।
मान्यता है कि अक्षय तृतीया को गंगा स्वर्ग से उतरी थी और एक महीने तक शिव की जटाओ में घूमती रही और गंगा दशहरे को धरती पर पहुंची थी। राजा भगीरथ के पीछे चलते हुए गंगा में जिस स्थान पर माँ पार्वती ने गंगा सप्तमी को पहली बार गंगा स्नान किया था वह स्थान बाद में मार्केंडेय पुरी के नाम से विख्यात हुआ। इसी स्थान पर ऋषि मार्केंडेय ने  दुर्गा सप्तशती की रचना कर अमरता को प्राप्त किया था।
गंगीत्री के तीर्थ पुरोहित अशोक सेमवाल बताते हैं कि मुखवा के कुछ दूरी पर कछोरा नामक स्थान पर देवी माँ ने गंगा में पहला स्नान किया था जिसके बाद करोड़ों देश के लोगों ने गंगा के जल में स्नान पर पूण्य प्राप्त किया। जहा पर पुरानी परम्परा को निभाते हुए वे गंगा सप्तमी पर्व मना रहे हैं।
गंगा सप्तमी के आयोजन के लिए बने  गंगा सेवा ट्रस्ट के  आरएम गुप्ता, हरिमोहन, प्रवीण गुप्ता, संजय जैन, हीरा लाल, ए के सिन्हा, अनिल अग्रवाल, अनिल मित्तल आदि ने गंगा में दूध , दही, घी,  वस्त्र आदि समर्पित कर पूजा अर्चना की और अंत मे गंगा मैया को 11 हजार दीप एक नाव में समर्पित किये।

Also Read This

उपलब्धि : लद्दाख की 6,250 मीटर ऊंची कांग यात्से–II पर लहराया शौका समाज का परचम, पहाड़ की बेटी ने रचा गौरवशाली इतिहास

डीडीहाट। 08 अगस्त 2026,नीरज उत्तराखंडी लद्दाख की 6,250 मीटर ऊंची कांग यात्से–II पर लहराया शौका समाज का परचम, पहाड़ की बेटी ने रचा गौरवशाली...

उपलब्धि : पहाड़ से निकला उड़ने वाली कार का सपना।उत्तराखंड की प्रतिभा ने फिर बढ़ाया प्रदेश का मान

देहरादून।08 अगस्त 2026,नीरज उत्तराखंडी पहाड़ के होनहार इनोवेटर रवि टम्टा की बड़ी उपलब्धि, HAPIDA SKYNeX के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कम संसाधनों में उड़ने...

Related Posts