देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में महारक्तदान शिविर का आयोजन ,छात्रों ने लिया बढ़चढ़कर हिस्सा

स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य पर रक्तदान को लेकर विचारों की आज़ादी का आह्वान करते हुए देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में महारक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों की भरपूर सक्रियता से 250 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित किया गया।  78 वें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देहरादून […]

स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य पर रक्तदान को लेकर विचारों की आज़ादी का आह्वान करते हुए देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में महारक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों की भरपूर सक्रियता से 250 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित किया गया। 

78 वें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देहरादून और आईपीए-एसएफ उत्तराखंड स्टेट चैप्टर के सहयोग से महारक्तदान शिविर का आयोजन हुआ।  इस दौरान मुख्य अतिथि महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण डॉ तारा आर्य ने कहा कि हमारे देश में अभी भी रक्तदान को लेकर संकीर्ण मानसिकता बनी हुयी है। पुराने ख्यालों के कारण लोग अभी भी रक्दान करने से कतराते हैं। जबकि, रक्तदान करना शरीर के लिए फायदेमंद है। हमें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर रक्तदान को लेकर विचारों की आज़ादी का प्रण लेना होगा। ताकि, हम खुली सोच के साथ रक्तदान में बढ़चढ़कर हिस्सा ले सकें। वहीं, स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन कौंसिल उत्तराखंड के निदेशक डॉ एसएस कंडारी और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ एमएस अंसारी ने रक्तदान महादान की उपयोगिता पर बल देते हुए अधिक से अधिक रक्तदान का आह्वान किया। महारक्तदान शिविर के दौरान देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के छात्रों, शिक्षकों और प्रबंधन ने बड़ी संख्या में रक्तदान किया, जिसमें 250 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया गया। विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर डॉ प्रीति कोठियाल ने महारक्तदान शिविर के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल, एसओपीआर और डीबीएमसीएएच के रक्तदान शिविर के आयोजन हेतु प्रयासों को सराहा।  इस मौके पर मुख्य आयोजन सचिव व एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र टम्टा भी उपस्थित रहे।

 

Also Read This

बड़ी खबर: यमुनोत्री धाम में 60 लाख की आय, फिर भी सुविधाओं पर सवाल

7.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, बढ़ी आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी–यमुनोत्री मार्ग की बदहाली बनी चुनौतीरिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी बड़कोट/उत्तरकाशी, 19 सितंबर। यमुनोत्री धाम में...

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

Related Posts