राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा संस्कृत पीएचडी में सर्वश्रेष्ठ शोध के लिए गोल्ड मेडलिस्ट हुए डॉक्टर हरिश्चंद्र डंगवाल

श्रीनगर गढ़वाल जयप्रकाश नोगई  केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय  रघुनाथ कीर्ति परिसर,देवप्रयाग के शोधार्थी  डॉक्टर हरिश्चंद्र डंगवाल वर्ष 2023 का संस्कृत (भाषा विज्ञान – व्याकरण शास्त्र) में शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी के रूप में चुना गया है,जिनको केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रथम दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया गया ,जिन्हें राष्ट्रपति श्रीमती  द्रौपदी मुर्मू द्वारा […]

श्रीनगर गढ़वाल

जयप्रकाश नोगई 

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय  रघुनाथ कीर्ति परिसर,देवप्रयाग के शोधार्थी  डॉक्टर हरिश्चंद्र डंगवाल वर्ष 2023 का संस्कृत (भाषा विज्ञान – व्याकरण शास्त्र) में शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी के रूप में चुना गया है,जिनको केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रथम दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया गया ,जिन्हें राष्ट्रपति श्रीमती  द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया, आपको बता दें वर्तमान में डॉक्टर हरिश्चंद्र डंगवाल जो की राजकीय इंटर कॉलेज पलेठी बनगढ़ देवप्रयाग में सहायक अध्यापक (संस्कृत)के पद पर कार्यरत हैं, हरिश्चंद्र डंगवाल मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के ग्राम कोठार पट्टी डागर के मूल निवासी हैं,जिनकी प्रारंभिक शिक्षा रिंगोलगांव प्राथमिक विद्यालय में हुई, तदुपरांत माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के लिए जयदयाल अग्रवाल संस्कृत विश्वविद्यालय श्रीनगर एवं भगवानदास संस्कृत महाविद्यालय हरिद्वार में संपन्न हुई, मृदु भाषा एवं सरल व्यक्तित्व के धनी डॉक्टर हरीश चन्द्र डंगवाल संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने एवं संस्कृत भाषा में सदा रुचि रखने के लिए अग्रसर रहे,इतना ही नहीं इनको पहले भी राष्ट्रीय ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा M.A संस्कृत में गोल्ड मेडलिस्ट किया गया, गोल्ड मेडलिस्ट  डॉक्टर हरिश्चंद्र डंगवाल यह श्रेय अपने  गुरुजनों, पिताजी श्री सत्यानंद डंगवाल  और भाई शिवम डंगवाल को देते हैं जो की   शिक्षा विभाग के शिक्षक हैं ,देवप्रयाग विधान सभा के विधायक विनोद कंडारी के द्वारा भी शिक्षक दिवस पर आदर्श  शिक्षक के लिए 5 सितंबर को सम्मानित किया गया l

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