बिग ब्रेकिंग : इस IAS को बनाया निदेशक जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार

रिपोर्ट/बिजेंद्र सिंह राणा  डॉ0 राधव लंगर उत्तराखंड कैडर 2009 बैच के आईएएस अधिकारी गत 5 वर्षों से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर राज्य में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। इस अवधि में एवं धारा 370 के हटने के पश्चात अतिसंवेदनशील स्थिति के मध्य उनके द्वारा कई अहम पदों पर योगदान दिया गया, जैसे जिलाधिकारी पुलवामा […]

रिपोर्ट/बिजेंद्र सिंह राणा 

डॉ0 राधव लंगर उत्तराखंड कैडर 2009 बैच के आईएएस अधिकारी गत 5 वर्षों से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर राज्य में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे।

इस अवधि में एवं धारा 370 के हटने के पश्चात अतिसंवेदनशील स्थिति के मध्य उनके द्वारा कई अहम पदों पर योगदान दिया गया, जैसे जिलाधिकारी पुलवामा (दक्षिणी कश्मीर का संवेदनशील जिला) एवं जिलाधिकारी कटुआ,जम्मू एवं कश्मीर में वाह्यसहातित योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु राज्य में बनी एजेंसी इकोनॉमिक रिकस्ट्रक्शन एजेंसी (ERA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जम्मू डिवीज़न के डिवीज़नल कमिश्नर के दायित्वों के साथ वर्तमान में डॉ0 लंगर सचिव नियोजन/विकास एवं निगरानी विभाग, जम्मू कश्मीर सरकार के पद पर कार्यरत थे। 

डॉ0 राधव लंगर जो कि उत्तराखण्ड संवर्ग 2009 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी हैं, को ACC (Appointment Committee of Cabinet) द्वारा भारत सरकार में निदेशक के पद पर दो वर्षों हेतु तैनाती दी गई है, वे जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जलशक्ति मंत्रालय, भारत सरकार में निदेशक का पद ग्रहण करगें। 

डॉ0 राधव लंगर आई.ए.एस. द्वारा अहम भूमिकाओं पर उत्तराखण्ड राज्य में पूर्व में अपने दायित्वों का निर्वाहन किया गया है, जिसमें विशेषकर जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग के तौर पर लगभग साढे़ तीन वर्षों की अवधि में 2013 की भीषण आपदा के पश्चात केदार घाटी में किये गये पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। 

डॉ0 लंगर द्वारा उत्तराखण्ड शासन में अपर सचिव पेयजल, उच्चशिक्षा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पी.एम.जी.एस.वाई., कार्यक्रम निदेशक, नमामि गंगे, निदेशक स्वजल के पदों पर भी कार्य किया गया।

Also Read This

बड़ी खबर: यमुनोत्री धाम में 60 लाख की आय, फिर भी सुविधाओं पर सवाल

7.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, बढ़ी आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी–यमुनोत्री मार्ग की बदहाली बनी चुनौतीरिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी बड़कोट/उत्तरकाशी, 19 सितंबर। यमुनोत्री धाम में...

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

Related Posts